भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 वन अनुसन्धान संस्थान, देहरादून में दिनांक 27 नवंबर 2020 को संस्थान की राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक के आयोजन तथा पाँच दिवसीय हिन्दी प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन पर एक रिपोर्ट   व.अ.सं.:   27 November 2020

 वन जैवविविधता संस्थान, हैदराबाद में २६ नवंबर २०२० को संविधान दिवस के अवलोकन पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   27 November 2020

 27.10.2020 से 02.11.2020 के दौरान वन जैवविविधता संस्थान, हैदराबाद में सतर्कता जागरूकता सप्ताह (2020) के अनुपालन पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   27 November 2020

 वर्षा वन अनुसन्धान संस्थान, जोरहाट में २६ नवंबर २०२० को संविधान दिवस के अवलोकन पर एक रिपोर्ट  व.व.अ.सं.:   27 November 2020

 उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर में २६ नवंबर २०२० को संविधान दिवस के अवलोकन पर एक रिपोर्ट  उ.व.अ.सं.:   26 November 2020

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में २६ नवंबर २०२० को संविधान दिवस के आयोजन पर एक रिपोर्ट   व.अ.सं.:   26 November 2020

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में २५ नवंबर २०२० के दौरान विस्तार प्रभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन इंटरेक्शन मीट सह प्रदर्शनी पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं.:   26 November 2020

 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी में १६ से १८ नवंबर, २०२० के दौरान आयोजित ५वें पूर्वोत्तर हरित सम्मलेन में वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट की भागीदारी पर एक रिपोर्ट  व.व.अ.सं.:   24 November 2020

 २९ अक्टूबर, २०२० को वन जैवविविधता संस्थान, हैदराबाद में “कीट-पैस्ट्स के प्रबंधन के लिए वृक्ष जनित तिलहन और जंगली पौधों के ऊतकों के अर्क से जैव कीटनाशक उत्पादों / सूत्रीकरण के विकास” विषय पर आयोजित मासिक सेमिनार पर एक रिपोर्ट   व.जै.सं.:   23 November 2020

 वन अनुसन्धान संस्थान, देहरादून के हिंदी अनुभाग द्वारा २३ से २७ नवंबर, २०२० तक आयोजित की जाने वाली पांच दिवसीय हिंदी प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारम्भ पर एक रिपोर्ट   व.अ.सं.:   23 November 2020

 वर्षा वन अनुसन्धान संस्थान, जोरहाट में १५ अक्टूबर, २०२० को हिंदी वृत्तचित्र कार्यशाला के आयोजन पर एक रिपोर्ट   व.व.अ.सं.:   23 November 2020

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट द्वारा हिमालयन स्टडीज पर राष्ट्रीय मिशन (NMHS) द्वारा असम के कार्बी आंगलोंग ज़िले के चुनिंदा सीमान्त गांवों के लिए वित्त पोषित परियोजना के अंतर्गत बांस का कोयला उत्पादन और ब्रिकेटिंग विषय पर 13 नवंबर, 2020 को आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट   व.व.अ.सं.:   23 November 2020

 वन उत्पादकता संस्थान, रांची में दिनांक ०५ नवंबर, २०२० को REDD+ के लिए Safeguards Information Systems पर आभासीय माध्यम द्वारा कार्यशाला के आयोजन पर एक रिपोर्ट   व. उ. सं.:   13 November 2020

 तटीय पारिस्थितिकी तंत्र केंद्र, विशाखापत्तनम में "पूर्वी घाटों की संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण" विषय पर १० नवंबर, २०२० को आयोजित वेबिनार पर एक रिपोर्ट  त.पा.तं.कें:   12 November 2020

 ९ नवंबर, २०२० को भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, देहरादून और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (इंडियन स्कूल ऑफ माइंस), धनबाद के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए: एक रिपोर्ट  भा.वा.अ.शि.प. :   11 November 2020

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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