आगामी आयोजन

 तटीय पारिस्थितिकी तंत्र केंद्र, विशाखापत्तनम में 24 सितंबर 2021 को "Scientific Achievement and Technological Advancement in India" भारत अमृत महोत्सव के तहत आयोजन पर एक रिपोर्ट  updated: 23 September 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज में 10 नवंबर- 11 नवंबर 2021 को "इको-रिस्टोरेशन में क्लोनल वानिकी पर राष्ट्रीय सम्मेलन" (CFER-2021) का आयोजन  updated: 23 September 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज आपको 24 सितंबर 2021 को "ग्रामीण आजीविका में एनटीएफपी का योगदान" पर राष्ट्रीय वैज्ञानिक वेबिनार के लिए आमंत्रित करता है  updated: 08 September 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज आपको 10 नवंबर 2021 से शुरू होने वाले "इको-रिस्टोरेशन में क्लोनल वानिकी पर राष्ट्रीय सम्मेलन" (CFER-2021) के लिए आमंत्रित करता है  updated: 08 September 2021

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून के वर्ष २०२१ -२२ के लिए लघु अवधि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम कैलेंडर  updated: 19 May 2021

भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बेंगलुरु मे "चंदन की खेती और उसके स्वास्थ्य का प्रबंधन" विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन किया  क.वि.प्रौ.सं.:   24 September 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - लाइवहुड एक्सटेंशन, अगरतला मे "विश्व बांस दिवस" के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें.-आ.वि.:   23 September 2021

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान ,असम ने २१ सितंबर, २०२१ को २३वें अनुसंधान सलाहकार समूह (आरएजी) की बैठक का आयोजन किया  व.व.अ.सं.:   23 September 2021

 वन जैव विविधता संस्थान (आईएफबी), हैदराबाद में 20.09.2021 से 24.09.2021 तक भारत का अमृत महोत्सव समारोह (दूसरा दिन) पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   23 September 2021

 हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला में 16 सितंबर 2021 को विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस के आयोजन पर एक रिपोर्ट  हि.व.अ.सं:   22 September 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज द्वारा 16-22 अगस्त 2021 तक आयोजित पार्थेनियम जागरूकता सप्ताह पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   22 September 2021

 वन जैव विविधता संस्थान (आईएफबी), हैदराबाद में 20.09.2021 से 24.09.2021 तक भारत का अमृत महोत्सव समारोह (पहला दिन) पर एक रिपोर्ट।  व.जै.सं.:   22 September 2021

 उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर द्वारा 18 सितंबर 2021 "विश्व बांस दिवस" के आयोजन पर एक रिपोर्ट  उ.व.अ.सं.:   22 September 2021

 तटीय पारिस्थितिकी तंत्र केंद्र, विशाखापत्तनम में 18 सितंबर 2021 को अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस 2021 के आयोजन पर एक रिपोर्ट  त.पा.तं.कें:   20 September 2021

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान एनविस , कोयम्बटूर में 16 सितंबर 2021 को विश्व ओजोन दिवस के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   20 September 2021

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर द्वारा 14 सितंबर 2021 "हिन्दी दिवस" के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   20 September 2021

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में 16 सितंबर 2021 को विश्व ओजोन दिवस के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं:   17 September 2021

  वर्षा वन अनुसंधान संस्थान ,असम में 16 सितंबर, २०२१ को राज्य नवाचार और परिवर्तन आयोग के माननीय सह-उपाध्यक्ष श्री रमेन डेका के दौरे पर एक रिपोर्ट  व.व.अ.सं.:   17 September 2021

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा 01 सितंबर से 14 सितंबर 2021 तक "हिंदी पखवाड़ा" आयोजित किया गया  व.अ.सं:   16 September 2021

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट (असम) में 14 सितंबर 2021 को हिंदी दिवस समारोह आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.व.अ.सं.:   16 September 2021

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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