भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 वृक्ष उत्पादक मेला पर रिपोर्ट, 17 फरवरी, 2024, पुदुचेरी - थीम: तटीय क्षेत्रों में वृक्षों की खेती  -:   29 February 2024

 आईएफजीटीबी, कोयंबटूर द्वारा तमिलनाडु के वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करना पर एक रिपोर्ट  -:   28 February 2024

 आईसीएफआरई-ईआरसी, प्रयागराज द्वारा 2 फरवरी 2024 को आयोजित माघ मेला जागरूकता और प्रदर्शनी शिविर में नुक्कड़ नाटक नाटक "परिवर्तन की पाठशाला" पर एक रिपोर्ट  -:   28 February 2024

 माघमेला प्रदर्शन शिविर में भा.वा.अ.शि.प.-पारिस्थितिक पुनस्र्थापन केन्द्र, प्रयागराज द्वारा ‘‘ट्रीज़ आउटसाइड फाॅरेस्ट्स फाॅर उत्तर प्रदेश’’ पुस्तक का विमोचन किया गया  -:   28 February 2024

 वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद द्वारा 24.01.2024 को केवीएस, कोरापुट में आयोजित प्रकृति कार्यक्रम पर रिपोर्ट  -:   26 February 2024

 वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद द्वारा 24.01.2024 को जेएनवी, कोरापुट में आयोजित प्रकृति कार्यक्रम पर रिपोर्ट  -:   26 February 2024

 वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद द्वारा 23.01.2024 को कोरापुट में वन विज्ञान केंद्र के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम पर रिपोर्ट  -:   26 February 2024

 माघ मेला विस्तार एवं जागरूकता शिविर में स्नातक छात्रों के लिए आईसीएफआरई-ईआरसी द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया  -:   23 February 2024

  दिनांक 13.02.2024 को प्रदर्शन ग्राम कुटाम (झारखण्ड) के अंतर्गत “मधु कीट पालन, प्रबंधन एवं शहद उत्पादन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया  -:   21 February 2024

 आईसीएफआरई-बांस और रतन केंद्र (आईसीएफआरई-बीआरसी), बेथलहम वेंगथलांग, आइजोल, मिजोरम ने वन विज्ञान केंद्र, मिजोरम के तहत तीन दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया मशरूम की खेती, 14 से 16 फरवरी, 2024 तक  -:   19 February 2024

 भा.वा.अ.शि.प-व.आ.वृ.प्र.सं, कोयंबत्तूर और एपीएल, राजमुंदरी, आन्ध्रप्रदेश के बीच सहयोगात्मक परियोजना समझौता  -:   13 February 2024

 12 फरवरी 2024 को केवीएस, स्टील प्लांट, विशाखापत्तनम में आयोजित प्रकृति कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  -:   13 February 2024

  आईसीएफआरई-सीईसी, विशाखापत्तनम द्वारा 2 फरवरी 2024 को विश्व वेटलैंड दिवस 2024 की पूर्व संध्या पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  -:   13 February 2024

 आईसीएफआरई-बांस और रतन केंद्र (आईसीएफआरई-बीआरसी), बेथलहम वेंगथलांग, आइजोल, मिजोरम ने 5 से 7 फरवरी, 2024 तक बांस और रतन हस्तशिल्प पर वन विज्ञान केंद्र, मिजोरम के तहत तीन दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया  -:   12 February 2024

 प्रकृति कार्यक्रम भा.वा.अ.शि.प - व.आ.वृ.प्र.सं द्वारा आयोजित "वन्य जीवन संरक्षण" और "लाइफ" पर व्याख्यान  -:   09 February 2024

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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