भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 आईसीएफआरई-वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट (असम) ने उत्तर पूर्व के विभिन्न स्थानों पर विश्व पर्यावरण दिवस-2024 मनाया  -:   18 June 2024

 आईसीएफआरई-रेन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जोरहाट (असम) ने 10-12 जून, 2024 के दौरान बांस चारकोल और ब्रिकेट बनाने पर तीन दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया  -:   18 June 2024

 वन उत्पादकता संस्थान, रांची और कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन के बीच एम.ओ.यू पर हस्ताक्षर का विस्तृत प्रतिवेदन  ICFRE-IFP:   14 June 2024

 भा.वा.अ.शि.प - वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट (असम) ने “कंठस्थ 2.0 ‘’ सॉफ्टवेयर पर दिनांक 06 से 11 जून, 2024 तक चार दिवसीय हिंदी कार्यशाला आयोजित किया  ICFRE-RFRI:   14 June 2024

 आईसीएफआरई-सीईसी, विशाखापत्तनम द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस 2024 कार्यक्रम पर रिपोर्ट  -:   11 June 2024

 आईसीएफआरई-वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट (असम) ने अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस-2024 मनाया  -:   11 June 2024

 एफआरआई, देहरादून ने 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया  -:   07 June 2024

 वन आनुवंशिक संसाधन और वृक्ष सुधार पर ईआईएसीपी कार्यक्रम केंद्र संसाधन भागीदार द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस 2024 पर रिपोर्ट  -:   07 June 2024

  ICFRE-वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद में 09.05.2024 को आयोजित CAMPA-एक्सटेंशन के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण "वन क्षेत्रों में मिट्टी के नमूने की पद्धति" पर रिपोर्ट  -:   30 May 2024

  ‘‘कंठस्थ’’ अनुवाद टूल पर तीन दिवसीय राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम समापन की रिपोर्ट  -:   30 May 2024

  आईसीएफआरई-आईएफबी, हैदराबाद में अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस के जश्न पर रिपोर्ट  -:   30 May 2024

  केवीके-पालेम, तेलंगाना में आयोजित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के साथ वीवीके के तहत 30.04.2024 को "कृषि वानिकी प्रणालियों" पर रिपोर्ट  -:   30 May 2024

 ‘‘कंठस्थ’’ अनुवाद टूल पर तीन दिवसीय राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया  -:   27 May 2024

 EIACP-ICFRE-IFGTB द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस 2024 पर रिपोर्ट  -:   24 May 2024

 ICFRE- HFRI शिमला द्वारा अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2024 के जश्न पर रिपोर्ट  -:   24 May 2024

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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