भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 २८ नवंबर, २०१९ को एच.एफ.आर.आई., कोनिफर कैंपस, पंथाघाटी, शिमला, हिमाचल प्रदेश में मासिक सेमिनार की कार्यवाही की रिपोर्ट   हि.व.अ.सं.:   06 December 2019

 ०४ दिसंबर, २०१९ को केंद्रीय विद्यालय, 3 बी आर डी व सेक्टर-31, चंडीगढ़ के विद्यार्थियों के हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला के शैक्षणिक दौरे पर एक रिपोर्ट   हि.व.अ.सं.:   05 December 2019

 दिनांक २८ नवम्बर, २०१९ को शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, जोधपुर द्वारा प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय क्रमांक १ एवं केंद्रीय विद्यालय क्रमांक २, अजमेर में वृक्षारोपण एवं व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन  श.व.अ.सं.:   05 December 2019

 २८ नवंबर से १ दिसंबर, २०१९ के दौरान हरिद्वार में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में एफआरआई की भागीदारी की रिपोर्ट  व.अ.सं.:   04 December 2019

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज की एम्. यू. ऐन. पी. ऐल. (एनटीपीसी) के अधिकारियों के साथ परामर्श सेवाओं के विषय में परामर्श बैठक की एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   04 December 2019

 २० नवंबर, २०१९ को वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर में "जलवायु परिवर्तन परिदृश्य में नाज़ुक पारिस्थितिक तंत्र का प्रबंधन" विषय पर दक्षिणी क्षेत्रीय अनुसंधान सम्मेलन (आर. आर. सी. ) की एक रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   04 December 2019

 २० नवंबर, २०१९ को वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर में "जलवायु परिवर्तन परिदृश्य में नाज़ुक पारिस्थितिक तंत्र का प्रबंधन" विषय पर दक्षिणी क्षेत्रीय अनुसंधान सम्मेलन (आर. आर. सी. ) की एक रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   04 December 2019

 केंद्रीय विद्यालय, सेक्टर-47, चंडीगढ़ के विद्यार्थियों के २ दिसम्बर,२०१९ को हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला के शैक्षणिक दौरे पर एक रिपोर्ट   हि.व.अ.सं.:   04 December 2019

 26 नवंबर, 2019 को हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला में संविधान दिवस के आयोजन पर एक रिपोर्ट  हि.व.अ.सं.:   04 December 2019

 २१, २३ एवं २५ नवम्बर को "सैल बोरर और टीक स्केलेटनाइज़र / डिफोलिएटर कीटों के जैविक नियंत्रण" विषय पर राज्य वन विभाग छत्तीसगढ़ के तीन वन सर्किलों (दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर) के फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए आयोजित की गई प्रशिक्षण कार्यक्रमों (३ संख्या) पर एक रिपोर्ट   उ.व.अ.सं.:   03 December 2019

 अनुसंधान सहयोग और विस्तार गतिविधियों हेतु वन अनुसंधान केंद्र, कानपुर और वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज के बीच कुशल नेटवर्किंग स्थापित करने के उद्देश्य से 25 नवंबर, 2019 को निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान,कानपुर द्वारा बुलाई गयी परामर्श बैठक पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   29 November 2019

 26 नवंबर, 2019 को वन उत्पादकता संस्थान, रांची में संविधान दिवस के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व. उ. सं.:   28 November 2019

 22 नवंबर, 2019 को "प्रकृति" कार्यक्रम के अंतर्गत जवाहर नवोदय विदयालय, सहसपुर के छात्रों की वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में शैक्षणिक भ्रमण यात्रा पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं.:   28 November 2019

 26 नवंबर, 2019 को वन जैवविविधता संस्थान, हैदराबाद में संविधान दिवस के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   28 November 2019

 “प्रकृति : छात्र-वैज्ञानिक मिलन कार्यक्रम” के अंतर्गत हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला ने विद्यार्थियों को वानिकी तथा पर्यावरण के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से दिनांक 11 नवंबर 2019 को जवाहर नवोदय विद्यालय, कुल्लू में एक कार्यक्रम का आयोजन किया  हि.व.अ.सं.:   27 November 2019

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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