आगामी आयोजन

 मृदा आवरण को बचाने और वनों की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से ०३ मार्च, २०२० को वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज द्वारा "पारिस्थितिकी - पुनर्वास में वानिकी हस्तक्षेप" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा   updated: 12 February 2020

 २०-२१ मार्च २०२० को वन अनुसन्धान संस्थान, देहरादून में किसान मेला - २०२० का आयोजन  updated: 31 January 2020

 पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के हरित कौशल विकास कार्यक्रम (जीएसडीपी) के अंतर्गत “बांस प्रसार और प्रबंधन” विषय पर वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज द्वारा १२ फरवरी , २०२० से २० मार्च, २०२० के दौरान आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का विज्ञापन  updated: 27 January 2020

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में 2020 में लघु अवधि के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का कैलेंडर  updated: 24 January 2020

 १८-२० फरवरी,२०२० के मध्य वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज द्वारा वानिकी प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित अम्ब्रेला योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन   updated: 20 January 2020

 "गैर लकड़ी वन उत्पाद (प्लांट ओरिजिन) के मूल्य संवर्धन और विपणन: : एनटीएफपी उत्पाद / औषधीय पौधे" पर प्रशिक्षण कार्यक्रम अब पुनर्निर्धारित तिथियों के अनुसार २९ जनवरी से १६ फरवरी, २०२० तक शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, जोधपुर द्वारा आयोजित किया जाएगा  updated: 14 January 2020

 ३ फरवरी, २०२० से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित हरित कौशल विकास कार्यक्रम के प्रशिक्षण का आर.एफ.आर.आई., जोरहाट द्वारा संचालन किया जायेगा  updated: 06 January 2020

 काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बंगलुरू का वर्ष 2019-20 के लिए लघु अवधि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम ।  updated: 13 May 2019

 हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला के वर्ष 2019-20 के लिए प्रशिक्षण कैलेंडर।  updated: 30 April 2019

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर का वर्ष 2019-20 के लिए लघु अवधि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम ।   updated: 25 April 2019

भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 वन विज्ञान केंद्र के अंतर्गत “लाह की खेती द्वारा आजीविका सृजन” विषय पर वन प्रशिक्षण विद्यालय महिलौंग में दिनांक ०३.०२.२०२० को वन उत्पादकता संस्थान, रांची द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पर रिपोर्ट   व. उ. सं.:   19 February 2020

 १५ फरवरी २०२० को "प्रकृति" कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय आई.वी.आर.आई. , बरेली, यूपी के छात्रों की वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में शैक्षिक भ्रमण यात्रा पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं.:   17 February 2020

 १3 फरवरी २०२० को "प्रकृति" कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय ए.एफ.एस. , बरेली, यूपी के छात्रों की वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में शैक्षिक भ्रमण यात्रा पर एक रिपोर्ट   व.अ.सं.:   17 February 2020

 ०९ जनवरी, २०२० को प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत, वन जैवविविधता संस्थान, हैदराबाद द्वारा केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), डंडीगल नंबर १ में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   14 February 2020

 १० जनवरी, २०२० को प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत, तटीय पारिस्थितिकी तंत्र केंद्र, विशाखापत्तनम द्वारा जैव विविधता और औद्योगिक मुद्दों पर गाँधी ग्राम पोस्ट के निकट - नौसेनबाग केंद्रीय विद्यालय - १ में आयोजित इंटरएक्टिव प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  त.पा.तं.कें:   14 February 2020

 ६ जनवरी, २०२० को तृतीय प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत, तटीय पारिस्थितिकी तंत्र केंद्र, विशाखापत्तनम द्वारा जैव विविधता और औद्योगिक मुद्दों पर औद्योगिक एस्टेट के निकट - श्री विजयनगर केंद्रीय विद्यालय - १ में आयोजित इंटरएक्टिव प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  त.पा.तं.कें:   14 February 2020

 ०८ जनवरी, २०२० को वन जैव विविधता संस्थान (आईएफबी), हैदराबाद द्वारा किसानों और हितधारकों के लिए संस्थान के एक्सटेंशन बिल्डिंग में "कृषि वानिकी प्रणालियों, वृक्षारोपण, वृक्षारोपण एवं विपणन सम्बन्धी मुद्दों का प्रबंधन" विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   14 February 2020

 १० जनवरी, २०२० को वन जैव विविधता संस्थान (आईएफबी), हैदराबाद द्वारा किसानों और हितधारकों के लिए संस्थान के एक्सटेंशन बिल्डिंग में "एग्रोफोरेस्ट्री मॉडल" विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   14 February 2020

 १० जनवरी, २०२० को वन जैव विविधता संस्थान (आईएफबी), हैदराबाद द्वारा किसानों और हितधारकों के लिए संस्थान के एक्सटेंशन बिल्डिंग में "एग्रोफोरेस्ट्री मॉडल" विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   14 February 2020

 काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बेंगलुरु द्वारा ३-७ फरवरी २०२० के मध्य 'काष्ठ संरक्षण' विषय पर संचालित लघु अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट   का.वि.प्रौ.सं.:   14 February 2020

 काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बेंगलुरु द्वारा आयोजित "चंदन - बीज प्रबंधन, नर्सरी और वृक्षारोपण प्रौद्योगिकी" विषय पर १० से १४ फरवरी, २०२० के मध्य पांच दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन की रिपोर्ट  का.वि.प्रौ.सं.:   14 February 2020

 १२ फरवरी २०२० को "प्रकृति" कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय एनईआर, बरेली, यूपी के छात्रों की वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में शैक्षिक भ्रमण यात्रा पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं.:   14 February 2020

 ११ फरवरी २०२० को "प्रकृति" कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय जेआरसी, बरेली, यूपी के छात्रों की वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में शैक्षिक भ्रमण यात्रा पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं.:   14 February 2020

 दिनांक ०५/०२/२०२० को पारि पुनर्स्थापन वन अनुसन्धान केंद्र, प्रयागराज द्वारा संस्था के परेड ग्राउंड स्थित माघमेला शिविर में "जरा स्वास्थ्य संरक्षण में उपयोगी वनौषधियाँ : उत्पादन, मूल्यवर्धन एवं चिकित्सीय प्रयोग" विषय पर डाबर इंडिया लिमिटेड के सौजन्य से वैज्ञानिक संगोष्ठी के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   14 February 2020

 वन उत्पादकता संस्थान,रांची द्वारा दिनांक ३०/०१/२०२० को भारतीय संविधान के ७०वें वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय संविधान जागरूकता अभियान के अंतर्गत "संविधान नागरिकों के कर्त्तव्य" विषय पर व्याख्यान के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व. उ. सं.:   14 February 2020

और पढ़ें

भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

Untitled Document